Shiv chaisa Secrets
Shiv chaisa Secrets
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योगी यति मुनि ध्यान लगावैं। नारद शारद शीश नवावैं॥
धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे। शंकर सम्मुख पाठ सुनावे॥
शिव आरती
लै त्रिशूल शत्रुन को मारो। संकट से मोहि आन उबारो॥
अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी। क्षमहु नाथ अब चूक हमारी॥
शनिदेव मैं सुमिरौं तोही। विद्या बुद्धि ज्ञान दो मोही॥ तुम्हरो नाम अनेक बखानौं। क्षुद्रबुद्धि मैं जो कुछ जानौं॥
अर्थ: हे शिव शंकर आप तो संकटों का नाश करने वाले हो, भक्तों का कल्याण व बाधाओं को दूर करने वाले हो योगी यति ऋषि मुनि सभी आपका ध्यान लगाते हैं। शारद नारद सभी आपको शीश नवाते हैं।
स्वामी एक shiv chalisa in hindi है आस तुम्हारी। आय हरहु अब संकट भारी॥
O Lord! I beseech Your assistance and seek out your divine blessing at this really minute. Help save and safeguard me. Ruin my enemies with Your Trishul. Launch me from your torture of evil thoughts.
संकट से मोहि आन उबारो ॥ मात-पिता भ्राता सब होई ।
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त्रयोदशी व्रत करै हमेशा। ताके तन नहीं रहै कलेशा॥
मैना मातु की ह्वै दुलारी। बाम अंग सोहत छवि न्यारी॥
नमो नमो जय नमः शिवाय। सुर ब्रह्मादिक पार न पाय॥